बीते कुछ दिनों से चल रहे श्रीकांत त्यागी मामले में अब नॉएडा पुलिस को रहत मिल गई है क्योकि श्रीकांत त्यागी को नॉएडा पुलिस टीम द्वारा गिरफ्तार क्र लिया गया है। बता दे जिसके बाद देर शाम में नॉएडा पुलिस कमिश्नर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाया और श्रीकांत त्यागी से जुड़े मामले में कई खुलासे भी किये। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भी श्रीकांत की अकड़ कम होते नहीं दिखी। दरअसल, श्रीकांत त्यागी प्रेस कांफ्रेंस के दौरान मास्क लगाकर कर खड़ा था। जब उससे मास्क उतारने को कहा गया तो उसने बड़े सख्त लहजे में जवाब दिया कि कोविड है। जिसके बाद खुद पुलिस कमिश्नर आलोक सिंह को प्रेस कांफ्रेंस के दौरान ही श्रीकांत त्यागी को एक मिनट के लिए मास्क हटाने को कहा गया। जिसके बाद जाकर उसने मास्क हटाया। श्रीकांत त्यागी की इस हरकत के बाद लोगों ने ट्वीट करके कहा कि, रस्सी जल गई लेकिन बल नहीं गया।

जानकारी के मुताबिक, अपनी प्रेस कांफ्रेंस में नोएडा पुलिस कमिश्नर आलोक सिंह ने बताया कि श्रीकांत त्यागी को पकड़ने के लिए कुल 12 टीमें बनाई गई थी, जो श्रीकांत का लगातार पीछा कर रही थी। आलोक सिंह ने कहा कि घटना के बाद त्यागी पहले दिल्ली हवाई अड्डे की तरफ गया और फिर शुक्रवार को वह मेरठ के लिए रवाना हो गया। फिर अगले दिन सभी डिवाइस बदल दी और शनिवार को हरिद्वार होते हुए ऋषिकेश के लिए रवाना हो गया। रविवार को वह दोबारा यूपी में दाखिल हुआ और शाम के बाद उसने फिर से अपने मोबाइल फोन बदले। हालांकि तब तक त्यागी की मेरठ, बागपत और मुजफ्फरनगर के आसपास की लोकेशन ट्रेस की जा चुकी थी।

इस दौरान उसने अलग-अलग गाड़ियों का प्रयोग किया और करीब चार दिनों तक फरार था और अंततः उसे मेरठ से पकड़ लिया गया। आगे उन्होंने बताया कि श्रीकांत त्यागी की गाड़ी पर जो विधानसभा सचिवालय का स्टीकर लगा था, वो स्टीकर स्वामी प्रसाद मौर्य ने उसे दिया था। स्टिकर की मान्यता वर्ष 2023 तक है। इसका उद्देश्य भय का माहौल बनाना था। पूछताछ में यह भी सामने आया है कि श्रीकांत त्‍यागी नोएडा से भागकर लखनऊ में छिपना चाहता था, लेकिन पुलिस टीमों से बचकर निकलना मुमकिन नहीं हो पाया।

 

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