ऐसा माना जाता है कि जनता के सुरक्षा के लिए पोलिशिंग मे थानो को काफी महत्त्व होता है इसलिए यूपी पुलिस ने अब थानेदारो के साथ साथ थानो पर भी नज़र रखना शुरू कर दिया है सरकार का मानना ये है कि अक्सर थाने मे आचरण को लेकर शिकायते आती रहती है और पुलिस हिरासत में मौत और महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार की शिकायतें भी लगातार सामने आ रहे हैं, जिससे पुलिस विभाग पर बुरा प्रभाव पड़ता है।

ऐसी घटनाओ पर रोक लगाने के लिए सरकार ने फैसला किया है कि अब से थानो मे होने वाली सभी गतिविधियों पर 24 घंटे निगरानी होगी। यह संभव हो सकेगा इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम के उन हाई डेफिनिशन कैमरों से, जिन्हें जल्द ही जनपद के प्रत्येक थाने के बाहर इंस्टाल किया जाएगा। इस संबंध में प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और कुंभ से पहले थानों की लाइव निगरानी शुरू हो जाएगी। आला पुलिस अफसरों का कहना है कि कुंभ के मद्देनजर जिले में 600 और सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने की योजना बनाई गई है।

इस संबंध में प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। वर्तमान में पूरे जिले में सिटी सर्विलांस सिस्टम के तहत 1200 कैमरे अलग-अलग स्थानों पर लगाए गए हैं। यह सभी कैमरे आईट्रिपलसी से कनेक्ट हैं। इनका इस्तेमाल ट्रैफिक मैनेजमेंट के साथ ही सुरक्षा व्यवस्था के लिए किया जाता है।

बात दे की, थानों में सीसीटीवी कैमरे पहले से ही लगे हैं। लेकिन अभी इनकी लाइव निगरानी की व्यवस्था नहीं है। ज्यादातर थानों में जो सीसीटीवी कैमरे लगे हैं,उनका डीवीआर व मॉनिटर प्रभारी कक्ष में ही रहता है। हालांकि इनकी रिकॉर्डिंग जरूरत पड़ने पर ही देखी जा सकती है। नियंत्रण संबंधित थाने के पुलिसकर्मियों के पास ही होने की वजह से कई बार सीसीटीवी फुटेज से छेड़छाड़ के भी आरोप लगते हैं। इसी को देखते हुए अब थानों की गतिविधियों की लाइव निगरानी की योजना बनाई गई है।

इसके लिए थानों के बाहर आईटीएमएस के एचडी कैमरे लगाए जाएंगे। यह कैमरे सीधे आईट्रिपलसी से कनेक्ट होंगे, जिससे इनसे मिलने वाली लाइव फीड पर लगातार नजर रखी जा सकेगी। इससे थानों में आने-जाने वालों की भी जानकारी मिल सकेगी। कई बार थानों के घेराव या हंगामे जैसी स्थिति भी बनती है, उस दशा में भी लाइव हाल जानकार फोर्स की व्यवस्था की जा सकेगी

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